रांची
राज्य में 18 वर्ष बाद हुई झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट) भी विवादों में घिर गई है। रविवार को संपन्न परीक्षा में यह विवाद रांची और बोकारो के एक-एक केंद्र पर दो विषयों ओड़िया और शिक्षा विषय के प्रश्नपत्र पर्याप्त संख्या में नहीं पहुंचने से उत्पन्न हुआ है।
जो प्रश्नपत्र पहुंचे थे, उनकी प्रिंटिंग ऐसी थी कि ठीक ढंग से प्रश्न पढ़े नहीं जा रहे थे। मामला संज्ञान में आने के बाद झारखंड लोक सेवा आयोग ने दोपहर बाद ही पूरे राज्य में दोनों विषयों की परीक्षा रद किए जाने की घोषणा की। अब इन दोनों विषयों की परीक्षा बाद में होगी।
आयोग के अनुसार, रांची के शहीद चौक के पास स्थित एएसटीवीएस डिस्ट्रिक्ट सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (जिला स्कूल) में बनाए गए परीक्षा केंद्र पर ओड़िया (कोड-023) तथा बोकारो के सेक्टर-9 स्थित सरदार पटेल पब्लिक स्कूल में शिक्षा (कोड-009) विषय के प्रश्नपत्र पर्याप्त संख्या में नहीं पहुंचे।
साथ ही प्रश्नपत्र पठनीय नहीं होने की सूचना आयोग को मिली है। इसे ध्यान में रखते हुए आयोग ने दोनों विषयों की परीक्षा रद करने का निर्णय लिया है।
इन दोनों विषयों की परीक्षा के संबंध में अभ्यर्थियों को अलग से सूचना दी जाएगी। इधर, यह परीक्षा अन्य केंद्रों पर शांतिपूर्ण संपन्न हो गई। इस परीक्षा के लिए छह जिलों रांची, बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, हजारीबाग तथा देवघर में कुल 430 केंद्र बनाए गए थे।
दो पत्रों की यह परीक्षा एक पाली में आयोजित हुई। पहले पत्र में शिक्षण व शोध क्षमता, सामान्य अध्ययन तथा तर्कशक्ति तथा दूसरे पत्र में अभ्यर्थियों द्वारा चयनित विषय की परीक्षा हुई।
इस परीक्षा के माध्यम से विश्वविद्यालयों एवं अंगीभूत कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक नियुक्ति की पात्रता तय होगी तथा पीएचडी में नामांकन होगा। बताते चलें कि राज्य में इससे पहले झारखंड पात्रता परीक्षा वर्ष 2007-08 में आयोजित हुई थी, जो काफी विवादित हुई थी।
परीक्षा संपन्न होने तक अंदर रोके गए अभ्यर्थी, किया हंगामा
पर्याप्त संख्या में प्रश्नपत्र नहीं पहुंचने के कारण अभ्यर्थी परीक्षा नहीं दे सके। वहीं, उन्हें परीक्षा संपन्न होने तक केंद्र से बाहर जाने नहीं दिया गया।
परीक्षा संपन्न होने के बाद अभ्यर्थियों ने वहां हंगामा किया। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि आयोग की गलतियों का खामियाजा उन्हें उठाना पड़ता है। इतनी गर्मी में वे परीक्षा देने दूसरे जिलों से आए थे।
अभ्यर्थियों ने कहा, मूल विषय के प्रश्न थे कठिन
परीक्षा देकर बाहर निकले कई विषयों के अभ्यर्थियों ने मूल विषय के प्रश्न कठिन होने की बात कही। एकाउंट्स, कामर्स, अंग्रेजी आदि विषयों में परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने प्रश्न कठिन होने की जानकारी दी।
वहीं, सामान्य अध्ययन के प्रश्न स्टैंडर्ड थे। अभ्यर्थियों ने कुछ टाइपिंग त्रुटि को छोड़कर सभी प्रश्न ठीक-ठाक होने की बात कही।
