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रांची.

राज्य सरकार ने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली, 2026 को अभी रद नहीं किया है। इस नियमावली की स्वीकृति के लिए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग का प्रस्ताव कैबिनेट में रखा गया था, जिसमें भाषा का लेकर मामला उठने के बाद प्रस्ताव को स्थगित रखा गया है।

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के एक जिम्मेदार पदाधिकारी के अनुसार, भाषा को लेकर उच्च स्तर पर मंथन चल रहा है। इसका समाधान निकलने के बाद प्रस्ताव को दोबारा कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। इससे पहले मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद कैबिनेट की स्वीकृति की प्रत्याशा में यह नियमावली अधिसूचित कर दी गई थी। इसके बाद जैक ने इस पात्रता परीक्षा का विज्ञापन जारी किया। इसके तहत इस परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए 21 अप्रैल से आवेदन भरे जाने हैं।

इधर, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने न तो नियमावली को रद किया है और न ही आवेदन प्रक्रिया रोकने का कोई आदेश ही झारखंड एकेडमिक काउंसिल को दिया है। ऐसे में 21 अप्रैल से आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। बताते चलें कि कैबिनेट की बैठक में इस नियमावली में क्षेत्रीय भाषा की सूची में भोजपुरी और अंगिका को शामिल नहीं किए जाने पर दो मंत्रियों राधाकृष्ण किशोर और दीपिका पांडेय ने आपत्ति की थी। इससे पहले पलामू एवं अन्य जिलों में भोजपुरी, मगही और अंगिका को शामिल नहीं करने का विरोध हो रहा था। अब कैबिनेट की बैठक में इन भाषाओं को शामिल करने की मांग का भी विरोध हो रहा है।

स्पष्ट नियमावली गठित कर ली जाए जेटेट परीक्षा : सुदेश
आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो ने स्पष्ट नीति और नियमावली गठित कर जेटेट परीक्षा आयोजित करने की मांग की है। उन्हाेंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि राज्य में वर्ष 2016 से यह पात्रता परीक्षा आयोजित नहीं हुई है, जिससे लाखों बीएड उत्तीर्ण अभ्यर्थी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने जेटेट के अलावा अन्य सभी प्रतियोगिता परीक्षाएं भी समय पर पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित करने का अनुरोध किया है।

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